Insurance Policy | बीमा पॉलिसी | Awareness

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Insurance Policy अर्थात बीमा भविष्य में किसी नुकसान की आशंका से निपटने का हथियार है. हमें नहीं पता कि कल क्या होगा, इसलिए हम बीमा पॉलिसी के जरिये भविष्य में संभावित नुकसान की भरपाई की कोशिश करते हैं. इंश्योरेंस का मतलब जोखिम से सुरक्षा है. … बीमा वास्तव में बीमा कंपनी और बीमित व्यक्ति के बीच एक अनुबंध है
बीमा कुल मिलाकर 7 प्रमुख प्रकार के होते हैं जो कि निम्‍न प्रकार के हैं:

  1. टर्म बीमा इस प्रकार की बीमा, निश्चित अवधि के लिए होता है। …
  2. पूरे जीवन का बीमा अगर कोई पूरे जीवन का बीमा लेना चाहता है तो उसे लाइफ कवरेज लेना होगा। …
  3. एंडोमेंट पॉलिसी …
  4. मनी बैक प्‍लान या कैश बैक प्‍लान …
  5. बच्‍चों के लिए पॉलिसी …
  6. पेंशन प्‍लान …
  7. यूलिप

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आपकी जीवन बीमा पॉलिसी आपको गंभीर बीमारियों से होने वाले खर्चों और हानियों से आपकी आर्थिक रूप से रक्षा करती है। कुछ प्रकार के कैंसर, पहला दिल का दौरा, स्ट्रोक जैसी बीमारियों और ओपन चेस्ट सीएबीजी जैसी सर्जरी के लिए भी अगर कभी हमें कोई खर्च करना पड़े, तो उस खर्च को कवर करने के लिए भी इसमें राइडर्स उपलब्ध हैं।

जीवन बीमा ( Life Insurance): जीवन बीमा ( Life Insurance) का मतलब यह है कि बीमा पॉलिसी खरीदने वाले व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके आश्रित को बीमा कंपनी की तरफ से मुआवजा मिलता है. अगर परिवार के मुखिया की असमय मृत्यु हो जाती है तो घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता है.

ऐसा इसलिए है क्योंकि अग्नि बीमा क्षति के मुआवजे के उद्देश्य के लिए एक अनुबंध है और यह नुकसान की घटना से लाभ उत्पन्न करने की अनुमति नहीं देता है। यदि यह मान्यता प्राप्त है, तो लाभ के उद्देश्य से तथाकथित आगजनी, आदि। नैतिक जोखिम ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ट्रिगर होने का खतरा होता है। बीमा अवधि आमतौर पर एक वर्ष है।

IRDA के अनुसार Insurance Agent बनने के लिए व्यक्ति को 100 घंटे की Training किसी Irda द्वारा स्थापित किसी Institute से करनी होगी। उसके बाद आप जिस Company में Join करना चाहते है उसके लिए आपको Form Apply करना होगा। और उसमें अपने सभी Document लगाकर Form को उस Company में जमा करना होता है।

१ सितंबर, १९५६ को, भारतीय जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corporation of India/ LIC of India) को सभी भारतीयों के लिए स्थापित किया गया था । १९७२ मे, General Insurance Business (राष्ट्रीयकरण) अधिनियम पारित किया गया था जो भारत मे सभी सामान्यबीमा कंपनियों का राष्ट्रीयकरण कर रहा था ।

Insurance Policy - Medi-Claim

बीमा एक प्रक्रिया – बीमा एक प्रक्रिया भी है जो पूर्व निर्धारित विधि से संचालित की जाती है। पहले बीमित अपनी जोखिम का अन्तरण बीमाकर्ता को निश्चित प्रीमियम के बदले करता है तत्पश्चात् बीमा कर्तव्यता द्वारा उस जोखिम के विरूद्ध सुरक्षा प्रदान की जाती है।

बीमायोग्य हित का क्या अर्थ है? वित्तीय हित, जो बीमाकृत व्यक्ति के पास होते हैं, जिसका बीमा किया गया होता है, ”बीमायोग्य हित” कहलाते हैं। दूसरे शब्दों में यह किसी ऐसी वस्तु को बीमित कराने के लिए व्यक्ति का अधिकार होता है जिसके गुम या क्षतिग्रस्त हो जाने की स्थिति में उसे वित्तीय क्षति उठानी पड़ती है।

प्रीमियम बीमा पॉलिसी (Insurance Policy) खरीदने के लिए भुगतान की गई राशि का उल्लेख करता है। प्रीमियम भुगतान की आवृत्ति मासिक या तिमाही से लेकर सालाना तक भिन्न हो सकती है या यह प्रीमियम का एक बार भुगतान भी हो सकता है।

Joint Insurance Policy को शादी-शुदा जोड़े या व्यापारिक साझीदारों को एक ही बीमा योजना में वित्तीय सुरक्षा प्रदान कि जाती है. इस बीमा पालिसी की सबसे अच्छी खासियत यह है कि इसकी लागत दो अलग अलग जीवन बीमा के मुकाबले कम है. इसके साथ ही इसका प्रबंधन करना भी आसान है.

व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा पॉलिसी (Insurance Policy) हिंसक, दृश्यमान और खतरनाक दुर्घटना के कारण किसी भी शारीरिक चोट, निधन, हानि या उत्परिवर्तन के मामले में बीमाधारक को कवरेज प्रदान करती है। बीमाधारक के निधन के मामले में, नीति उनके आश्रितों (परिवार या माता-पिता) को आर्थिक या प्रतिकूल नतीजों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करती है।

बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) के नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति कंपनी, एलएलपी बनाकर इन्श्योरेंस मार्केटिंग फर्म के लिए आवेदन कर सकता है। इसके लिए उसकी नेटवर्थ न्यूनतम 10 लाख रुपए होना जरूरी है। इसके लिए इरडा के पास आवेदन करना होगा। इसके आधार पर इरडा फर्म के रूप में कारोबार शुरू करने का लाइसेंस देगा।

विलियम बैवरिज के अनुसार, ”सामाजिक सुरक्षा योजना एक सामाजिक बीमा योजना है जो व्यक्ति को संकट के समय अथवा उस समय, जब उसकी कमाई कम हा जाय, तथा जन्म, मृत्यु या विवाह में होने वाले अतिरिक्त व्यय की पूर्ति के लिए लाभान्वित करती है।”

LIC आपको पॉलिसी के बदले सिर्फ 9% ब्याज पर लोन देती है. अगर आप तय समय पर लोन का ब्याज नहीं चुकाते तो ब्याज की रकम मूलधन में जोड़ दी जाती है. आपको फिर इस पूरी रकम पर ब्याज चुकाना पड़ता है. अगर आपके लोन की कुल रकम LIC पॉलिसी के सरेंडर वैल्यू से अधिक हो जाती है तो LIC आपकी पॉलिसी को खत्म कर सकती है.

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एक प्रकार की दुर्घटना बीमा पॉलिसी हैं जिसके तहत दुर्घटना के समय मृत्यु अथवा अपंग होने पर बीमा के राशि के लिए क्लेम किया जा सकता हैं । प्रधामंत्री सुरक्षा बीमा योजना 1 साल तक वेलिड रहेगी जिसे प्रति एक वर्ष बाद रिन्यू करवाना होगा ।

PMJJBY के टर्म प्लान में पॉलिसीधारक की मौत होने पर ही बीमा कंपनी बीमे की रकम का भुगतान करती है.प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) एक टर्म इंश्योरेंस प्लान है. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) में निवेश के बाद अगर व्यक्ति की मौत हो जाती है तो तो उसके परिवार को 2 लाख रुपये मिलते हैं.

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